शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम डूडुमचुंवाँ में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा
आयूष साहू 9926141516

सरायपाली। शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम डूडुमचुंवाँ में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद छात्राओं ने शिक्षकों का तिलक-चंदन लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान पाठक कु. अंजनी चौहान ने कहा कि माता-पिता और गुरु का सम्मान करना प्रत्येक विद्यार्थी का प्रथम कर्तव्य है। उनके मार्गदर्शन से ही जीवन को सही दिशा मिलती है।
शिक्षक सुंदर लाल डडसेना ‘मधुर’ ने अपनी कविता “गुरु चरणों में अर्पण” का पाठ करते हुए कहा, “गुरु चरणों में शीश झुकाऊँ, जीवन सफल बनाओ। ज्ञान ज्योति से मन आलोकित, अज्ञान दूर भगाओ।” उनकी प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया।
शिक्षक डींगर दास वैष्णव ने गुरु द्रोणाचार्य और एकलव्य की कथा के माध्यम से विद्यार्थियों को स्व-अध्ययन, समर्पण और गुरु के प्रति श्रद्धा का महत्व समझाया। वहीं आश्रम गार्ड पूनम सिदार ने भी गुरु के सम्मान और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रधान पाठक कु. अंजनी चौहान, शिक्षक डींगर दास वैष्णव, सुंदर लाल डडसेना, आश्रम गार्ड पूनम सिदार, स्वीपर पिरोबती सागर, रसोइया प्रियंका साव, सुशीला जायसवाल सहित बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन गुरुजनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए किया गया।



