वीर जवानों के नाम बांधी स्नेह की राखी, दुलारपाली स्कूल में मनाया गया “एक राखी सैनिक भाई के नाम” कार्यक्रम
आयुष साहू 9926141516

दुलारपाली। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेंद्र यादव एवं राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह गोल्डी के आह्वान पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलारपाली में “एक राखी सैनिक भाई के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम रोवर लीडर टेकलाल पटेल एवं प्रभारी शिक्षिका कविता पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यालय के स्काउट, गाइड, रोवर एवं रेंजर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से सुंदर एवं आकर्षक राखियां तैयार कीं। इन राखियों के माध्यम से देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं स्नेह व्यक्त करते हुए उन्हें रक्षा बंधन की शुभकामनाएं भेजने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को सैनिकों के त्याग, समर्पण एवं राष्ट्र सेवा के महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि देश के वीर जवान अपने परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहते हैं। ऐसे में रक्षा बंधन जैसे पावन पर्व पर सैनिक भाइयों तक स्नेह और सम्मान का संदेश पहुंचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
रोवर लीडर टेकलाल पटेल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियां पहले विकासखंड स्काउट्स एवं गाइड्स संघ बसना में जमा की गईं, जिन्हें जिला एवं राज्य संघ के माध्यम से देश की सीमा पर तैनात वीर सैनिकों तक भेजा जाएगा।
छात्रा प्रतिनिधि नूतन साहू के नेतृत्व में कामिनी साहू, यामिनी साहू, परी वैष्णव, प्रीति चौहान, तेजस्वनी सिदार, पूजा साहू, लिलेश्वरी, मोनिका निषाद, तनीषा साहू, रश्मि डड़सेना, हिमांशी चौहान, अरमान साहू, हर्ष साहू, मयंक पटेल सहित विद्यालय के समस्त स्काउट, गाइड, रोवर एवं रेंजर विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया।
विकासखंड स्काउट्स एवं गाइड्स संघ बसना के अध्यक्ष शीत गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्रीविशाल जोल्हे, प्राचार्य प्रेमानन्द भोई सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों ने विद्यार्थियों के इस नेक एवं राष्ट्रहित से जुड़े प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।



