सिमरन पैलेस में गरबा उत्सव की धूम, रामअवतार हॉस्पिटल रहा मुख्य प्रायोजक
आयुष साहू 9926141516

डॉ. संजय अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ, पारंपरिक गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सरायपाली। स्थानीय सिमरन पैलेस में दुर्गा वाहिनी समिति द्वारा आयोजित गरबा उत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। पारंपरिक संस्कृति, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस भव्य आयोजन में नगर के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान रामअवतार हॉस्पिटल, सरायपाली ने मुख्य प्रायोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, वहीं रामअवतार हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. शैलेश अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. संजय अग्रवाल ने गरबा उत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह तथा आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। इस तरह के कार्यक्रम हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने बांधा समां
गरबा उत्सव के दौरान पारंपरिक और आकर्षक परिधानों में सजे युवक-युवतियों एवं महिलाओं ने डांडिया की थाप पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। संगीत की मधुर धुनों और गरबा की लय पर प्रतिभागियों ने देर रात तक उत्सव का माहौल बनाए रखा। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों की छटा देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने भी कार्यक्रम का आनंद उठाया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में रामअवतार हॉस्पिटल की सहभागिता
इस आयोजन में मुख्य प्रायोजक के रूप में रामअवतार हॉस्पिटल की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान करने में अहम योगदान दिया। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाने के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में अस्पताल प्रबंधन की इस पहल की सराहना की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर दुर्गा वाहिनी समिति के पदाधिकारियों ने आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए रामअवतार हॉस्पिटल प्रबंधन तथा उपस्थित चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया। गरबा उत्सव ने नगर में सांस्कृतिक एकता, सामाजिक सहभागिता और पारंपरिक उत्सवों के प्रति लोगों के उत्साह को एक बार फिर प्रदर्शित किया।



