ऑपरेशन निश्चय: महासमुंद पुलिस ने 10 हजार किलो गांजा किया जब्त, कीमत 50 करोड़ से अधिक
आयुष साहू 9926141516

177 प्रकरणों में 501 आरोपी गिरफ्तार, 70 अब भी फरार; करीब 10 करोड़ के वाहन जब्त, ओडिशा से देश के कई राज्यों तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
सिंघोड़ा, कोमाखान और बसना में गांजे की सबसे अधिक जब्ती; एंबुलेंस, फल-सब्जी वाहनों और कंटेनरों में छिपाकर हो रही थी तस्करी
महासमुंद। गांजा तस्करी के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने ऑपरेशन निश्चय के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 में अब तक करीब 10 हजार किलोग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक है। कार्रवाई के दौरान 177 प्रकरणों में 501 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 70 आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के वाहन भी जब्त किए हैं। कार्रवाई में ओडिशा से गांजे की खेप लाकर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों तक पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
महासमुंद पुलिस के अनुसार, तस्करी के संभावित मार्गों पर सतत निगरानी, सघन वाहन जांच, मुखबिर तंत्र और एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने केवल गांजे की खेप पकड़ने तक सीमित न रहकर उसके स्रोत, परिवहनकर्ताओं, आपूर्ति श्रृंखला और अंतिम गंतव्य तक जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की है।
501 गिरफ्तार, 70 आरोपियों की तलाश जारी
ऑपरेशन निश्चय के तहत दर्ज 177 प्रकरणों में 501 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें 289 परिवहनकर्ता यानी कैरियर शामिल हैं। वहीं, तस्करी के स्रोत तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड लिंकेज की जांच के दौरान ओडिशा से 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त फॉरवर्ड लिंकेज की कार्रवाई में आरोपियों की गिरफ्तारी कर नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। पुलिस के अनुसार, 70 आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पांच राज्यों के आरोपी, अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों में सबसे अधिक 162 ओडिशा के निवासी हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के 138, महाराष्ट्र के 103, मध्यप्रदेश के 73 और उत्तर प्रदेश के 54 आरोपी शामिल हैं। राज्यवार आंकड़े बताते हैं कि गांजा तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और परिवहन से लेकर आपूर्ति तक अलग-अलग स्तरों पर लोग जुड़े हुए थे।
महाराष्ट्र और यूपी तक भेजी जा रही थी गांजे की खेप
पुलिस की जांच में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, जब्त गांजे में से 4,511 किलोग्राम महाराष्ट्र, 2,263 किलोग्राम उत्तर प्रदेश और 1,223 किलोग्राम मध्यप्रदेश भेजा जाना था। इसके अलावा 179 किलोग्राम गुजरात, 264 किलोग्राम राजस्थान और 30 किलोग्राम हरियाणा के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे स्पष्ट होता है कि महासमुंद होकर गुजरने वाले तस्करी मार्गों का इस्तेमाल दूसरे राज्यों तक मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
ओडिशा से आती थीं गांजे की खेप
जांच में जब्त गांजे की खेपों का स्रोत ओडिशा सामने आया है। पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा के कालाहांडी से 2,679 किलोग्राम, कंधमाल से 2,153 किलोग्राम, बौद्ध से 1,177 किलोग्राम, रायगढ़ा से 950 किलोग्राम, सोनपुर से 872 किलोग्राम और बलांगीर से 791 किलोग्राम गांजे की खेपों का संबंध सामने आया है।
इसके अलावा देवगढ़ से 281.900 किलोग्राम, नुआपाड़ा से 212.170 किलोग्राम, भुवनेश्वर से 207.710 किलोग्राम, बरगढ़ से 171.788 किलोग्राम और अंगुल से 148.495 किलोग्राम गांजे की खेपों का संबंध सामने आया है। इन क्षेत्रों की पहचान से पुलिस को तस्करी के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की पड़ताल में मदद मिली है।
एंबुलेंस से लेकर बाइक तक का इस्तेमाल
तस्करों ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए परिवहन के कई तरीके अपनाए। बस, ट्रेन, ट्रक, पिकअप, एंबुलेंस, कोरियर सर्विस के वाहन और मोटरसाइकिल के माध्यम से गांजे की तस्करी के मामले सामने आए हैं। कई मामलों में गांजे को फलों, सब्जियों के वाहनों, कंटेनरों के विशेष चेंबर, पैकर्स एंड मूवर्स के सामान और एंबुलेंस में छिपाकर ले जाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने सघन वाहन जांच और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर इन तरीकों से की जा रही तस्करी को नाकाम किया। कार्रवाई के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के वाहन जब्त किए गए हैं।
छह माह में 7,306 किलो से अधिक गांजा जब्त
महासमुंद पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छह माह के दौरान 7,306.651 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया। माहवार आंकड़ों में जनवरी में सर्वाधिक 2,099.886 किलोग्राम गांजे की जब्ती दर्ज की गई। लगातार की जा रही कार्रवाई के जरिए पुलिस ने तस्करी के संभावित मार्गों पर निगरानी मजबूत की है।
सिंघोड़ा में सबसे अधिक जब्ती, बसना भी प्रमुख केंद्र
थानावार आंकड़ों के अनुसार, सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 3,325 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। इसके बाद कोमाखान में 2,970 किलोग्राम और बसना थाना क्षेत्र में 2,683 किलोग्राम गांजे की जब्ती हुई। इन आंकड़ों से जिले के प्रमुख तस्करी मार्गों पर पुलिस की कार्रवाई का पैमाना सामने आता है।
गांजे के साथ 1,432 किलो डोडा भी जब्त
महासमुंद पुलिस ने गांजे के अलावा अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इस दौरान 1,432 किलोग्राम डोडा जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.14 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस की कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विभिन्न स्वरूपों पर केंद्रित रही है।
5,700 किलो गांजे का नष्टीकरण
जब्त मादक पदार्थों के निपटान की प्रक्रिया के तहत वर्ष 2026 में अब तक करीब 5,700 किलोग्राम गांजे का नियमानुसार नष्टीकरण किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, नष्ट किए गए गांजे की अनुमानित कीमत 28 करोड़ रुपये से अधिक है।
तस्करी की जड़ों तक पहुंचने पर जोर
ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस का जोर तस्करी की खेप पकड़ने के साथ-साथ पूरे नेटवर्क की पहचान करने पर है। इसके लिए परिवहनकर्ताओं, गांजे के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और अंतिम गंतव्य से जुड़े लोगों की जांच की जा रही है। पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।



