डॉक्टर अब्दुल कलाम ज्ञान-विज्ञान अवार्ड 2026 से सम्मानित हुए पीतांबर बाघ
आयुष साहू 9926141516

शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राज्य स्तरीय सम्मान
सरायपाली। भारतीय दलित साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के तत्वावधान में महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर धमतरी में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में सरायपाली के पीतांबर बाघ को डॉक्टर अब्दुल कलाम ज्ञान-विज्ञान अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इस सम्मान को प्राप्त करने पर पीतांबर बाघ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजक समिति, निर्णायक मंडल तथा समारोह में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों एवं प्रबुद्धजनों के प्रति हृदय से आभार जताया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा ही जीवन का सच्चा सार और उसका सबसे सुंदर स्वरूप है। जब कोई व्यक्ति बिना किसी व्यक्तिगत लाभ अथवा यश की अभिलाषा के दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करता है, तो वह केवल एक कार्य नहीं, बल्कि साधना बन जाता है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सकारात्मक संकल्प, निरंतर साधना और दृढ़ इच्छाशक्ति के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। महर्षि वाल्मीकि का संदेश सत्य, मर्यादा, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। वहीं, भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने विज्ञान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से आधुनिक भारत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पीतांबर बाघ ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि समाज के प्रति अधिक संवेदनशील, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ होकर कार्य करने की प्रेरणा है। उन्होंने अपने माता-पिता, गुरुजनों और सहपाठियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन के बिना इस उपलब्धि तक पहुंचना संभव नहीं था।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलते हुए समाजसेवा, साहित्य, शिक्षा एवं रचनात्मक कार्यों के माध्यम से अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए प्रेरित करता रहेगा। पीतांबर बाघ की इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।



