
‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम के साथ ईमानदारी, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाने का दिया संदेश
सरायपाली। नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने, ईमानदारी एवं पारदर्शिता के प्रति जागरूकता विकसित करने और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक मनाए जा रहे इस सप्ताह की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” (Probity for Prosperity) रखी गई है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या भोई के मार्गदर्शन में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सार्वजनिक जीवन में नैतिक आचरण के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति में अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना तथा दैनिक कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करना है।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से भ्रष्टाचार के प्रति सजग रहने और अपने कार्यों में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों में भी ईमानदारी, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल नियमों का पालन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण में ईमानदारी और नैतिकता को अपनाना भी आवश्यक है। सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता पर आधारित कार्यसंस्कृति से ही समाज एवं राष्ट्र की प्रगति को नई दिशा मिल सकती है।
संदेश: सत्यनिष्ठा केवल एक प्रतिज्ञा नहीं, बल्कि हमारे दैनिक आचरण, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यपालन का आधार है।



