
सरायपाली। महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की अंतरविभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पंजीकृत गर्भवती महिलाओं के पंजीयन का आपसी मिलान, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पूर्व पहचान, नियमित फॉलोअप एवं काउंसलिंग पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं को पीएचसी, सीएचसी, एफआरयू, जिला चिकित्सालय अथवा उनकी स्वेच्छा से सुरक्षित प्रसव के लिए उपयुक्त संस्था का चयन कराने संबंधी विषय पर भी चर्चा हुई।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण, एनडीडी, स्टॉप डायरिया कैंपेन, शिशु संरक्षण माह, विशेष टीकाकरण अभियान, WIFS कार्यक्रम एवं नियमित टीकाकरण की समीक्षा की गई। इसके अलावा शिशु मृत्यु एवं मातृ मृत्यु के ऑडिट तथा कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समय पर उपचार एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के साथ ही कुपोषित बच्चों को उचित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण साहू, सीडीपीओ रामसिंह मिरी, खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी.आर. धृतलहरे, एस.एल. सिदार, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक शीतल सिंह, डोलचंद नायक सहित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी सुपरवाइजर उपस्थित रहे।



