
न्यायालय में पेशी के बाद दोनों को भेजा गया जेल, वन विभाग की कार्रवाई
सरायपाली। वन्यप्राणी के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को 5 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सरायपाली के समक्ष पेश किया गया, जहां न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना को देखते हुए वन विभाग की विवेचना जारी है।
वनमंडलाधिकारी महासमुंद श्री श्रीनिवास तन्नेटी के निर्देशन, संयुक्त वनमंडलाधिकारी सरायपाली श्री उदेराम बसंत के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी सरायपाली श्री प्रत्युष टाण्डेय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
वन विभाग के अनुसार, 4 अक्टूबर को सुरक्षा श्रमिकों से सूचना मिली कि परिसर बहेरापाली के कक्ष क्रमांक 348 में गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा से लगे क्षेत्र में विद्युत प्रवाहित जीआई तार बिछाकर वन्यप्राणी का अवैध शिकार किया गया है। सूचना पर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, परिसर रक्षक बहेरापाली एवं सुरक्षा श्रमिकों की टीम मौके पर पहुंची। शाम करीब 4:30 बजे गोमर्डा अभ्यारण्य सीमा से लगभग 300 से 400 मीटर की दूरी पर एक मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिली।
जांच के दौरान वन विभाग ने मृत नीलगाय के साथ करीब 3 किलोग्राम जीआई तार जब्त किया। पतासाजी के बाद ग्राम मोहनमुड़ा निवासी बुधराम बरिहा (40) पिता गोवर्धन बरिहा और सुकलाल कुजुर (55) पिता दासु कुजुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। वन विभाग के मुताबिक, दोनों ने विद्युत प्रवाहित जीआई तार के माध्यम से नीलगाय का अवैध शिकार करना स्वीकार किया।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20689/25, दिनांक 04 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने दोनों आरोपियों को 5 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रकरण में यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शिकार पर वन विभाग की नजर
वन विभाग द्वारा वन्यप्राणियों के संरक्षण और अवैध शिकार पर नियंत्रण के लिए क्षेत्र में लगातार गश्त एवं निगरानी की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



