
खेमड़ा। ग्राम खेमड़ा में नुआखाई पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह संयुक्त परिवारों में इष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद नवान्न प्रसाद ग्रहण किया गया। इसके पश्चात बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर पर्व की खुशियां साझा की गईं।
शाम 6 बजे मांझा खोल जगन्नाथ मंदिर परिसर में नुआखाई जुहार एवं भेंट-घाट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने बुजुर्गों और सम्मानितजनों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्राम गौटिया ऋषभ कुमार बगर्ती ने सभी को नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए नवयुवकों से पारंपरिक संस्कृति और पर्व की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इसके बाद कीर्तन धारा बैठकी का आयोजन हुआ। भगवान चैतन्य महाप्रभु की पूजा-अर्चना एवं मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ ऋषभ कुमार बगर्ती, हरिचरण पटेल, बालेश्वर प्रधान (गुरुजी), परमानंद बांक एवं राधेश्याम बगर्ती की उपस्थिति में किया गया। अतिथियों एवं कलाकारों का पुष्पहार और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया गया।
जनपद सदस्य बिलासानी वृंदावन प्रधान एवं सरपंच उषा दुर्योधन पटेल ने संबोधित करते हुए गांव एवं क्षेत्र के विकास में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। छत्तीसगढ़ संकीर्तन समिति के मीडिया प्रभारी गजानन भोई ने संकीर्तन की नियमावली की जानकारी दी।
कीर्तन धारा में जय जगन्नाथ कीर्तन मंडली खेमड़ा और राधा माधव कीर्तन मंडली खेमड़ा ने भजन प्रस्तुत किए। वहीं पड़ोसी राज्य ओडिशा से पहुंचे प्रसिद्ध कलाकार गुरु सुदर्मा दास भेंरिया ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके अलावा तरुणी प्रधान झुनगापाली, वीरेंद्र जुआड़ी गठियापाली और गायक सुदाम बुड़ेक तिनकानी सहित अनेक कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के दौरान भक्तजन राम और कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आए। आसपास के गेर्राभाठा, रसोड़ा, चनौरडीह, नरसिंहपुर, सीतापुर, छांदनपुर, रेमड़ा, खटखटी, अरेकेल, बंसुला, परसकोल और बिछिया सहित कई गांवों से कलाकार एवं कीर्तन प्रेमी पहुंचे।
आयोजन को सफल बनाने में दुर्योधन पटेल, सुशील बांक, चंद्रपाल पटेल, चंद्रहास बांक, यशपाल बगर्ती, सत्यभूषण बगर्ती, सतीश बंछोर, सुभाष बढ़ाई, गजानन बगर्ती, उपेंद्र बांक, राजेंद्र बांक, संजय होता, जीवर्धन यादव, बिशीकेशन पटेल, नरोत्तम बगर्ती, दयानिधि थापा, जोश कुमार बगर्ती, सत्यवान बगर्ती, विजय भोई, अश्विनी बगर्ती, विजय बढ़ाई, सुनील बढ़ाई, दयामणि सिदार, गोपाल भोई एवं जय कृष्ण बांक सहित ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का संचालन उभरते कलाकार परमीत साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन चंद्रहास बांक ने किया। गांव के बुजुर्गों के मार्गदर्शन तथा जय जगन्नाथ एवं राधा माधव कीर्तन मंडली के सदस्यों के सहयोग से आयोजन सफल रहा।



