
सिरशोभा। ग्राम सिरशोभा में विश्वकर्मा समिति के तत्वावधान में भगवान विश्वकर्मा पूजा उत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। 17 सितंबर 2026 को कलश यात्रा, विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना एवं मंगल आरती के साथ भगवान विश्वकर्मा की स्थापना की गई। इसके बाद लगातार तीन दिनों तक श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
पूजा उत्सव के दौरान रात्रिकालीन कार्यक्रम में नाटक एवं अपेरा का आयोजन भी किया गया। कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं नाटक प्रेमी पहुंचे। चारभाठा (सांकरा) के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘गोविंद चंद्र’ को दर्शकों ने खूब सराहा। प्रस्तुति से प्रभावित दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ कलाकारों को नगद राशि देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
उत्सव के समापन अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा पूजा स्थल से प्रारंभ होकर गांव की विभिन्न गलियों से होते हुए विसर्जन स्थल तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु भगवान विश्वकर्मा के जयकारे लगाते हुए भक्ति में सराबोर नजर आए।
ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ निकली शोभायात्रा में कलश यात्रा भी शामिल रही। पूरे गांव में उत्सव एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।



