पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के संदेश के साथ देवलभाठा आंगनबाड़ी में सजा ‘आंगन’
आयुष साहू 9926141516

महिलाओं ने रंगोली, झाड़ू बनाने और कुर्सी दौड़ में दिखाई प्रतिभा, नौनिहालों ने जलेबी दौड़ में बढ़ाया उत्साह
सरायपाली। ग्राम देवलभाठा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के साथ ग्रामीणों के बीच सहभागिता और आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और आंगनबाड़ी के नौनिहालों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, रंगोली एवं झाड़ू बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं बच्चों के लिए जलेबी दौड़ और कुर्सी दौड़ कराई गई। प्रतियोगिताओं के दौरान महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। नन्हे बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
आंगन मिलन कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बच्चों को पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बच्चों के लिए सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें खीर-पूरी सहित विभिन्न व्यंजन परोसे गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक भोजन का आनंद लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद पंचायत सरायपाली की अध्यक्ष लक्ष्मी पटेल रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद सदस्य बालमती पटेल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा महिला मोर्चा उपाध्यक्ष पुष्पलता चौहान, उपसरपंच पुष्पा नायक, पंच जानकी साहू, पंच सावित्री यादव, अनीता चौधरी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक अनीता यदु उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर देवलभाठा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता सरोज साहू, लक्ष्मीबाई यादव एवं गीतांजलि यादव सहित गांव के वरिष्ठजन, महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चे मौजूद रहे। प्राथमिक शाला देवलभाठा के शिक्षक अश्विनी बारीक का भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अतिथियों ने किया पौधरोपण
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों द्वारा मूंगा के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। पौधरोपण के माध्यम से ग्रामीणों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
आंगन मिलन कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी से पूरा आयोजन जीवंत हो उठा। प्रतियोगिताओं, जागरूकता गतिविधियों, सामूहिक भोज और पौधरोपण के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और बच्चों के सर्वांगीण विकास का संदेश ग्रामीणों तक पहुंचाया गया।



