प्रतिभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन में विधिक साक्षरता शिविर, न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को पोक्सो, यातायात नियमों और साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
आयुष साहू 9926141516

सरायपाली। प्रतिभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन बालसी (सरायपाली) में 30 सितंबर को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों और भावी शिक्षकों को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों, बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुटुंब न्यायालय महासमुंद के न्यायाधीश एवं लिंक कोर्ट सरायपाली के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरायपाली वंदना दीपक देवांगन तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी सरायपाली प्रगति गुर्दे रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य आर.के. चौधरी ने की।
कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रगति गुर्दे ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में उपयोगी सामान्य कानूनों, मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों तथा सुलभ न्याय व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ कानूनी कर्तव्यों की भी जानकारी होनी चाहिए।
पोक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा पर जोर
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वंदना दीपक देवांगन ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बाल अधिकारों की सुरक्षा और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने बी.एड. एवं डी.एल.एड. के विद्यार्थियों से भावी शिक्षक के रूप में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।
यातायात नियमों के साथ साइबर सुरक्षा की समझाइश
न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने यातायात नियमों का पालन करने पर जोर देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सीधे जीवन की सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कॉलेज स्टाफ से नियमों का पालन करने की अपील की। साथ ही ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, पासवर्ड एवं ओटीपी साझा करने से होने वाले नुकसान तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के संबंध में सावधानी बरतने की जानकारी दी।
विद्यार्थियों से समाज को जागरूक करने का आह्वान
प्राचार्य आर.के. चौधरी ने न्यायाधीशों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में कानूनी समझ विकसित करने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिविर में मिली जानकारी को समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
शिविर में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ सहित बी.एड. एवं डी.एल.एड. के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं जागरूकतापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।



