वन्यप्राणी के अवैध शिकार मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय के आदेश पर जेल भेजे गए
आयुष साहू 9926141516

सरायपाली। वन विभाग ने वन्यप्राणियों के अवैध शिकार के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपियों के कब्जे से वन्यप्राणी के अवशेष, मांस काटने के औजार, कुल्हाड़ी एवं खून लगे लकड़ी के डंडे सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वनमंडलाधिकारी महासमुंद श्री श्रीनिवास तन्ने के निर्देशन तथा वनमंडल सरायपाली के अधिकारियों के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम द्वारा जंगल में गश्त एवं निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान 2 अक्टूबर 2026 को सहायक परिक्षेत्र अधिकारी पालिडीह अनिल प्रधान, परिसर रक्षक पालिडीह शुभम तिवारी एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा जंगल गश्त के दौरान दोपहर करीब 1:10 बजे वन परिक्षेत्र सरायपाली अंतर्गत परिक्षेत्र चौकी पालिडीह के कक्ष क्रमांक 377 में दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने वन्यप्राणी चौसिंगा (नर) एवं जंगली सूअर का शिकार करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से चौसिंगा के मांस के साथ सिर एवं पैर के अवशेष तथा जंगली सूअर का कटा हुआ सिर एवं अन्य अंग बरामद किए गए। मौके से मांस काटने के लिए प्रयुक्त दो नग कुल्हाड़ी, खून लगा मांस काटने का औजार तथा खून लगा लकड़ी का डंडा भी जब्त किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्जुन सिदार (28) पिता लिंगराज सिदार तथा उत्तम सिदार (29) पिता राहुल सिदार, दोनों निवासी ग्राम कोलिहाडी, तहसील सरायपाली, जिला महासमुंद के रूप में हुई है।
वन विभाग ने मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22692/11, दिनांक 02 अक्टूबर 2026 दर्ज कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को 3 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सरायपाली के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
वन विभाग द्वारा मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की संभावना को देखते हुए विवेचना जारी रखी गई है। विभाग ने कहा कि वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जंगलों में लगातार गश्त और निगरानी की जा रही है तथा अवैध शिकार में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।



