
सरायपाली। पुत्र की दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना को लेकर मनाया जाने वाला पारंपरिक बेटा दूज पर्व 3 अक्टूबर को सतपथी बाड़ा में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर सतपथी बाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं बड़ी संख्या में एकत्रित हुईं। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पुत्रों की लंबी आयु, उज्ज्वल भविष्य एवं सुखी जीवन की कामना की। व्रत के पश्चात सामूहिक रूप से बेटा दूज की कथा का श्रवण किया गया।
पूजा एवं कथा आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर वर्षों से चली आ रही इस पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाया।
आयोजकों ने बताया कि बेटा दूज केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मां और पुत्र के बीच स्नेह, आशीर्वाद एवं मंगलकामना का प्रतीक पर्व है। इस अवसर पर परिवार एवं समाज की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई।
सतपथी बाड़ा में आयोजित इस पर्व ने आपसी प्रेम, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश दिया।



